राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से भारत बनेगा विश्व गुरु..

युगो युगो से जब भी विश्व में संकट आया है,तब भारत ने विश्व का नेतृत्व किया है। जब नेतृत्व किया तब भारत का उत्थान हुआ है। पुनः एक बार भारत पूरे विश्व में करोना जैसी भयावह बीमारी जो संकट लेकर आई है और पूरा विश्व इस से लड़ रहा है,तब भारत ने फिर एक बार पूरे विश्व को इस महामारी से बाहर निकालने के लिए HQC (हाइड्रोक्सी क्लोरो क्वीन) तथा कोविड-19 वैक्सीन संपूर्ण विश्व को दिया है हर व्यक्ति के मन में यह धारणा बन गई है, कि 2020 खत्म हो गया 2021 खत्म होने वाला है लेकिन यह संकट कब खत्म होंगे। परंतु प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव की बात है कि सन 2020 में ही दो महत्वपूर्ण कार्य हुए जो लंबे समय से अटके पड़े थे।भारत को पुनः एक बार विश्व गुरु पद पर स्थापित करेगा। 29 जुलाई 2020 को भारत सरकार की केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति ले के आई है जो संपूर्ण समाज को एक नई दिशा दशा बदलने में मददगार साबित होगी भारत के युवा के व्यक्तित्व विकास कौशल विकास के लिए सभी प्रकार के विषय सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में रखी है दूसरा सबसे महत्वपूर्ण 5 अगस्त सन 2020 को भगवान श्री राम के निजी धाम अयोध्या जी में श्री राम जन्मभूमि के भव्य मंदिर निर्माण की जीर्णोद्धार भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया।

भारतीय शिक्षा नीति संपूर्ण विश्व को जोड़ने वाली होगी, समाज के हर व्यक्तियों के संपूर्ण विकास,समाज पुनरुत्थान और हर संकट से निकलने वाली साबित होगी।

शारीरिक विकास,मानसिक विकास,भावनात्मक विकास आध्यात्मिक विकास,बौद्धिक विकास को बढ़ाने का काम करेगी। हर मनुष्य के भीतर अथाह आत्मबल होगा मनुष्य को आत्म निर्भर बनने के लिए यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रेरित करेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में जिस प्रकार का रूपरेखा तैयार किया है संपूर्ण विश्व में आज तक ऐसी शिक्षा नीति नही आई है। मनुष्य जीवन को जीवंत बनाने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति है। लंम्बे वर्षों के बाद संपूर्ण समाज को जोड़ने वाली शिक्षा लागू किया गया है। बीच के काल खंडों में मैकाले शिक्षा के चलते युवा बेरोजगार हैं जब मैकाले भारत में आया था तब उसने अपने पिता को पत्र लिखा और बोला कि मैं नौकर तैयार कर रहा हूं तभी से उसी आधारित शिक्षा रही परंतु वर्तमान भारत सरकार माननीय नरेंद्र मोदी जी की अगुवाई में शिक्षा नीति लागू हुआ है और संपूर्ण व्यक्ति विकास आत्मनिर्भर मनुष्य परिकल्पना को भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व के युवा वर्ग को नई राह प्रदान करेगी युवाओं के लिए यह भारतीय शिक्षा नीति मील का पत्थर साबित होगा भारतीय शिक्षण मंडल में गीत है भारतीय शिक्षा से हो भारत मां का पुनरुत्थान विश्व गुरु के पद पर बैठी माता पाए गौरव स्थान। भारत को पुनरुत्थान करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति साबित होगी।

भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किया गया है। आचार्य चाणक्य कहते थे माता-पिता अपने संतान को बचपन में जिस प्रकार की शिक्षा देते है ठीक उस सन्तान का उसी प्रकार विकास होता है। इसलिए माता-पिता का कर्तव्य है कि वे ऐसे शिक्षा अपने बच्चों को दिलाये जिसमें उस संतान के उत्तम चरित्र का विकास हो,क्योंकि उत्तम सन्तान ही कुल की शोभा बढ़ाती है।

जिस प्रकार योग के माध्यम से 21 जून 2015 को विश्व के 171 देश ने सहमति जताई थी और विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है,ठीक उसी प्रकार अब आवश्यक है शासन के साथ समाज के सभी संस्थान और सबसे महत्वपूर्ण शिक्षक को प्रेरित करने के लिए सभी शिक्षक अपने कमर कस लें और भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए सभी शिक्षक वैश्विक मापदंड पर खरा उतरने वाले पाठ्यक्रम को तैयार करें,और विश्व के सभी विद्यार्थियों को भारत आने के लिए प्रेरित करें वैश्विक संस्था के माध्यम से उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करें,ताकि शिक्षार्थियों और शिक्षक बाहर जा रहे हैं वह भारत में ही रहे और पुणे एक बार भारत को विश्व गुरु के पद पर स्थापित करें। हम संपूर्ण विश्व मंगल की कामना करते हैं सभी सुखी रहें सबका मंगल हो।



                 🙏🌹सादर वन्दे 🌹🙏

                        डॉ नीतेश सिंह


टिप्पणियाँ

  1. उत्तर
    1. अति उत्तम है नयी शिक्षा नीति| किसी भी शिक्षा नीति को सकारात्मक ढंग से लागू करने के लिए अनुशासन आवश्यक है और अनुशासन बनाए रखने के लिए डंडा आवश्यक है| अत: पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक
      को डंडे अनिवार्य किया जाए क्योंकि बचपन में स्थापित अनुशासन ताउम्र कायम रहता है| ऐसा इसलिए भी जरूरी है ताकि भविष्य में कोई कन्हैया, उमर खालिद, मुख्तार अंसारी, ओवैसी जैसे जेहादी, आतंकी, तालिबानी, खालिस्तानी और राकेश टिकैत जैसे नकली किसान इस देश में पैदा ही न हों !! धन्यवाद ||

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  2. गुरुकुल विषय पर भी कुछ लिखें

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  3. मेरा भारत। नया भारत ।श्रेठ भरत।।
    सन्दीप

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